जादौन या जादों अहीर[1] व राजपूत जाति का गोत्र है।[2] बंजारा जाति के एक समुदाय को भी जादोन नाम से जाना जाता है।[3]
एक समय जलेसर व करौली राज्यों पर जादौन[4] राज परिवारों का शासन रहा है। इनका निकास मथुरा के यादव शासक ब्रह्मपाल अहीर से है।[5][6] करौली के राज परिवार की कुलदेवी कैला देवी (योगमाया) हैं[7] जो कि कृष्ण की बहन, नंदबाबा व यशोदा की पुत्री तथा यदुवंशी थी। गोकुल में नंद की पुत्री कैला से बदल कर वसुदेव ने कृष्ण को कंस के हाथों मृत्यु से बचाया था। कंस जब देवकी की आठवीं संतान को मारने कारागार पहुंचा एवं मारने लगा तो वह देवी रूप में प्रकट होकर आकाश में चली गई। जो स्वयं देवी योगमाया थी।[8]
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